
बाराद्वार। नगर पंचायत चुनाव के मतदान संपन्न हो चुके हैं, और अब जनता के फैसले का इंतजार हर किसी को है। ईवीएम में बंद मतों की गिनती तो आने वाले दिनों में होगी, लेकिन शहर भर में चर्चाओं का बाजार अभी से गर्म है। चौक-चौराहों पर लोगों की भीड़ जुट रही है, हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि इस बार नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन काबिज होगा—कांग्रेस की महिला प्रत्याशी श्रीमती रेशमा विजय सूर्यवंशी या भाजपा के प्रत्याशी श्री नारायण कुर्रे?
निर्दलीयों की मौजूदगी ने बनाया चुनाव दिलचस्प
इस चुनाव को और भी रोचक बना दिया है उन निर्दलीय प्रत्याशियों ने, जो पार्षद पद के लिए मैदान में उतरे हैं। कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं, जिससे मुख्य दलों के समीकरण बिगड़ सकते हैं। कुछ निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी दौड़ में मजबूती से टिके हुए हैं, तो कुछ केवल वोट काटने का काम कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन किसे फायदा और किसे नुकसान पहुंचाएगा।
जनता की चुप्पी, प्रत्याशियों की बेचैनी
चुनाव प्रचार के दौरान जनता ने अपने पत्ते नहीं खोले, जिससे प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है। समर्थक अपने-अपने उम्मीदवार की जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन असली नतीजे क्या होंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवारों की वजह से कई वार्डों में गणित गड़बड़ा सकता है।
अब मतगणना का इंतजार
अब सबकी नजरें मतगणना के दिन पर टिकी हैं। प्रत्याशी और उनके समर्थक जीत-हार के आंकड़े जोड़ने में लगे हैं, लेकिन सच्चाई का फैसला ईवीएम ही करेगी। क्या इस बार बाराद्वार में सत्ता परिवर्तन होगा या फिर भाजपा अपनी पकड़ बनाए रखेगी? इसका जवाब जल्द ही सामने आएगा। तब तक, चर्चाओं का दौर जारी रहेगा!



