
सक्ती, विशेष संवाददाता।
सक्ती जिले के टेमर गाँव में प्रस्तावित जिला अस्पताल को अन्यत्र स्थानांतरित करने के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। नाराज और आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य सड़क मार्ग पर जबरदस्त जनआंदोलन किया और चक्काजाम कर दिया। टेमर सहित आस-पास के गाँवों से हजारों की संख्या में लोग, महिलाएं, बुजुर्ग और युवक हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर सड़क पर उतर आए।
स्थिति को नियंत्रित करने मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई, परंतु आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग रहे। टेमर गाँव के ग्रामीणों की प्रमुख मांग थी कि पूर्व निर्धारित स्थान टेमर में ही जिला अस्पताल खोला जाए, जिससे बाराद्वार-सक्ती सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरकार ने टेमर में अस्पताल भवन निर्माण की स्वीकृति दी थी, पर अब उसे सक्ती शिफ्ट किया जा रहा है, जो अनुचित और ग्रामीणों के साथ अन्याय है।

महिलाओं की विशेष भागीदारी
इस आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वे कंधे से कंधा मिलाकर नारेबाजी करती रहीं और प्रशासन से जवाब मांगती रहीं। यह प्रदर्शन केवल एक मांग नहीं, बल्कि ग्रामीणों की वर्षों की उपेक्षा के खिलाफ उबलता हुआ गुस्सा था।
प्रशासन को झुकना पड़ा
लगभग दोपहर 2 बजे तक चले इस आंदोलन के बाद प्रशासन ने ग्रामीण प्रतिनिधियों से चर्चा की और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इसके बाद चक्काजाम को समाप्त किया गया और यातायात व्यवस्था सामान्य हुई।
निष्कर्ष
यह जनआंदोलन दिखाता है कि यदि प्रशासन जनता की बात अनसुनी करता है, तो लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ बुलंद करना जरूरी हो जाता है। टेमर के ग्रामीणों ने अनुशासित और एकजुट तरीके से यह दिखा दिया कि उनके हक की लड़ाई वे मजबूती से लड़ने को तैयार हैं।



