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सक्ती- डस्ट की दलदल में 24 घंटे तड़पती रही भैंस, ग्रामीणों की मशक्कत से बची जान

दलालों की लापरवाही उजागर, कार्रवाई की उठी मांग

 सक्ती- जैजैपुर।
विधानसभा जैजैपुर अंतर्गत ग्राम कोटेतरा दतौद स्थित पत्थर खदान में दलालों की भारी लापरवाही सामने आई है। खदान को डस्ट से पाटने के बाद मिट्टी की फाइलिंग न किए जाने के कारण एक बेजुबान भैंस दो दिन तक दलदल में फंसी रही और करीब 24 घंटे तक तड़पती रही

घटना की सूचना ग्राम मुखिया श्रीमती सुनीता रमेश साहू को मिलते ही वे तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं और शासन-प्रशासन को अवगत कराया। लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद सरपंच ने तत्परता दिखाते हुए ग्रामीणों की मदद से फावड़ा-गैंती से खुदाई शुरू कराई।

 

करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भैंस को लगभग 4 फीट गहरे दलदल से सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। भैंस की हालत अत्यंत गंभीर थी और थोड़ी सी और देरी उसकी जान ले सकती थी।

मुख्य चरागाह बना मौत का जाल

ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र गांव का मुख्य चरागाह है, जहां रोज बड़ी संख्या में मवेशी चराने लाए जाते हैं। दलालों द्वारा खदान को केवल डस्ट से पाटकर छोड़ देना आने वाले बरसात में बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है।

एक साल पहले हुआ था डस्ट पाटने का काम

ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक वर्ष पूर्व दलालों की सक्रियता से खदान को डस्ट से पाट दिया गया था, लेकिन मिट्टी की फाइलिंग जानबूझकर नहीं कराई गई। इसके खतरनाक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

घटना के बाद ग्रामीणों, विशेषकर पशुपालकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि ग्राम मुखिया ने समय रहते पहल न की होती तो भैंस की जान जा सकती थी। ग्रामीणों ने जिम्मेदार दलालों पर सख्त कार्रवाई और खदान क्षेत्र में तत्काल मिट्टी फाइलिंग की मांग की है।

ग्रामीणों की चेतावनी:
“अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अगली बार कोई और बेजुबान या इंसान भी इस दलदल का शिकार हो सकता है।”

 

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