
सक्ती (छत्तीसगढ़)। बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और नागरिकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से जिला पुलिस सक्ती द्वारा एक विशेष साइबर जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गुंजन स्कूल में पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी भुवनेश्वरी पैंकरा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकगण, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। पुलिस अधिकारियों ने सरल और प्रभावी भाषा में बताया कि आज के दौर में साइबर अपराधी फर्जी कॉल, ओटीपी ठगी, केवाईसी अपडेट के नाम पर लिंक, लॉटरी/इनाम का लालच, सोशल मीडिया हैकिंग, टेलीग्राम एवं ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग जैसे माध्यमों से लोगों को जाल में फंसाते हैं।
🔹 इन महत्वपूर्ण बातों पर दिया गया विशेष जोर
- किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
- अंजान व्यक्ति के साथ फोटो या निजी जानकारी साझा करने से बचें।
- “फ्री ऑफर” या इनाम के लालच में न आएं।
- केवल अधिकृत प्ले स्टोर से ही ऐप एवं गेम डाउनलोड करें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- टेलीग्राम या ऑनलाइन निवेश के नाम पर आने वाले प्रस्तावों से सतर्क रहें।
- सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट रखें और अंजान लोगों को फॉलो न करें।
- आधार, पैन, बैंक पासबुक जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
- “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती — ऐसे कॉल से सावधान रहें।
- अज्ञात नंबर से आने वाले वीडियो कॉल का उत्तर न दें।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें तथा नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों ने साइबर जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए विद्यार्थियों और आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील का वीडियो संदेश भी जारी किया।
जिला पुलिस सक्ती द्वारा यह अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि बच्चे और युवा यदि जागरूक होंगे, तो वे समाज में साइबर सुरक्षा के सशक्त दूत बन सकते हैं।
जिला पुलिस सक्ती — नागरिकों की सुरक्षा हेतु सदैव प्रतिबद्ध।



