
सक्ती, 09 मार्च 2026। जिले के ग्राम गोरखापाली में कोटवार रथराम गोंड पर हुए प्राणघातक हमले के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने दंडाधिकारी जांच के आदेश जारी किए हैं। इस घटना की जांच के लिए डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डभरा विनय कश्यप को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 मार्च 2026 को सुबह लगभग 11 बजे प्रार्थी सनत पटेल अपने खेत स्थित डबरी तालाब के पास पहुंचे थे। उस समय गांव के आनंद राम कुर्रे और कोटवार रथराम गोंड भी वहां मौजूद थे। इसी दौरान गांव के ही सुखदेव कुर्रे, अरुण कुर्रे और कमलेश कुर्रे हाथों में लकड़ी की बल्लियां और कांड लेकर मौके पर पहुंचे और पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज करने लगे।

बताया जाता है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने कोटवार रथराम गोंड के सिर पर बल्लियों से प्राणघातक हमला कर दिया। बीच-बचाव के दौरान प्रार्थी के सामने ही आरोपियों द्वारा मारपीट की गई, जिससे कोटवार रथराम गोंड के सिर और बाएं पैर में गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर ही बेहोश हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से घायल कोटवार को जिला अस्पताल सक्ती लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जांजगीर रेफर किया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर भेजा गया।
मामले में थाना मालखरौदा में अपराध क्रमांक 92/2006 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1) और 3(5) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।
इधर कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 196 के तहत दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे घटना की परिस्थितियों, मौके पर मौजूद लोगों, घटना के कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों की विस्तृत जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझावों सहित तीन माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
प्रशासन के इस कदम से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।



