
📍सक्ती। सक्ती जिले के बहुचर्चित पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम हत्याकांड का पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं, बल्कि प्रेम संबंधों से उपजे विवाद के कारण रची गई सुनियोजित सुपारी किलिंग थी। मृतका की हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस मामले में झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 26 जून 2026 को ग्राम जोंगरा में दो नकाबपोश बदमाशों ने पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम को पिस्तौल से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था और बाइक से फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लगातार जांच की।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
जांच में खुलासा हुआ कि मृतका पूर्णिमा का रायगढ़ जिले के देल्लारी निवासी मुरलीशंकर चौहान के साथ प्रेम संबंध था। मुरलीशंकर अपनी पत्नी चम्पा चौहान के साथ रहता था। पत्नी को दोनों के संबंधों की जानकारी होने के बाद घर में लगातार विवाद होने लगा। पुलिस के अनुसार, समझाइश के बाद मुरलीशंकर ने दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन पूर्णिमा लगातार उस पर शादी का दबाव बना रही थी। इसी से परेशान होकर पति-पत्नी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।

4 लाख की सुपारी, पेशेवर तरीके से हत्या
पुलिस के मुताबिक, चम्पा और मुरलीशंकर ने राजेन्द्र महंत से संपर्क कर 4 लाख रुपये में हत्या का सौदा तय किया। घटना के बाद 2 लाख रुपये की पहली किस्त भी आरोपियों को दे दी गई। इसके बाद राजेन्द्र महंत ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की पूरी योजना तैयार की।
योजनानुसार गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत बाइक से जोंगरा पहुंचे, जहां गौरीशंकर ने पिस्तौल से पूर्णिमा पर गोली चला दी। घटना के बाद सभी आरोपी पहले से तय योजना के अनुसार फरार हो गए।
तीन राज्यों में दबिश, सभी आरोपी गिरफ्तार
मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने राजेन्द्र महंत को झारखंड के जमशेदपुर से तथा गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया। वहीं अन्य आरोपियों को छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों से पकड़ लिया गया।
हथियार, बाइक, मोबाइल और नकदी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, कई मोबाइल फोन, बैंक पासबुक तथा सुपारी की रकम में बची नकदी बरामद की है। घटनास्थल से पिस्तौल के तीन खाली खोखे भी मिले हैं।
पुलिस की बड़ी सफलता
इस अंधे कत्ल का खुलासा पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने महज चार दिनों में किया। तकनीकी जांच और लगातार दबिश के चलते पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ और हत्या में शामिल सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
➡️ CGNews24 Express | सक्ती
“प्रेम संबंध, विश्वासघात और 4 लाख की सुपारी… चार दिन में पुलिस ने सुलझाई सक्ती की सबसे चर्चित हत्याकांड की गुत्थी।”



