
सक्ती//जैजैपुर। सरकारी व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा इन दिनों ग्राम पंचायत कोटेतरा के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। पटवारी हल्का 01 का मुख्यालय यहीं होने के बावजूद, पटवारी की लंबे समय से गैरहाजिरी ने गांव की व्यवस्था को लगभग ठप कर दिया है।
इस गंभीर हालात को देखते हुए सरपंच सुनीता रमेश साहू ने मोर्चा संभालते हुए जिला कलेक्टर सक्ती को सख्त लहजे में ज्ञापन सौंपा है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
❗ “एक साल से न पटवारी, न काम”
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब एक साल से पटवारी न तो मुख्यालय में निवास कर रहे हैं और न ही नियमित रूप से बैठ रहे हैं। इससे खसरा-खतौनी, आय-जाति प्रमाण पत्र, नामांतरण जैसे जरूरी काम पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं।

🚜 किसान और आम जनता सबसे ज्यादा परेशान
पटवारी की अनुपस्थिति का सीधा असर किसानों और आम लोगों पर पड़ रहा है। समय पर दस्तावेज न मिलने से न केवल खेती-किसानी के काम अटक रहे हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधूरा रह जा रहा है।
⚡ सरपंच ने दिखाई सख्ती
सरपंच सुनीता रमेश साहू ने स्पष्ट शब्दों में प्रशासन से मांग की है कि पटवारी को कोटेतरा मुख्यालय में स्थायी रूप से पदस्थ कर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ सकता है।
📢 मंत्री तक पहुंची शिकायत
मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन की प्रतिलिपि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री को भी भेजी गई है, जिससे अब इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
👉 अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस “गायब पटवारी” पर कार्रवाई कर ग्रामीणों को राहत देगा, या फिर कोटेतरा के लोग यूं ही परेशान होते रहेंगे?



