
📍थाना नगरदा | जिला सक्ती | दिनांक: 11 जुलाई 2025
ग्राम नगरदा के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आज एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 300 विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड, यातायात नियमों तथा नशा मुक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सजग नागरिक बनाना और समाज में जागरूकता की श्रृंखला को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान नगरदा थाना प्रभारी निरीक्षक श्री विंटन साहू ने विद्यार्थियों को बेहद सरल और प्रभावशाली तरीके से कई जरूरी बातें बताईं।
🔐 साइबर फ्रॉड से बचाव की 11 महत्वपूर्ण बातें:
- किसी अनजान व्यक्ति को OTP साझा न करें।
- अजनबियों के साथ फोटो शेयर या दोस्ती से बचें।
- “फ्री गिफ्ट” जैसे लालच वाले कॉल्स से सावधान रहें।
- ऐप या गेम केवल अधिकृत ऐप स्टोर से डाउनलोड करें।
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें — फ़ोन हैक हो सकता है।
- टेलीग्राम और शेयर ट्रेडिंग से संबंधित फ्रॉड से सावधान रहें।
- सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करें।
- अपने सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट रखें।
- निजी जानकारी और फोटो अजनबी को न भेजें।
- फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें।
- डिजिटल अरेस्ट और वीडियो कॉल फ्रॉड से सावधान रहें।
🚦 यातायात नियमों की महत्वपूर्ण सीख:
- वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें।
- नशे में वाहन न चलाएं, और दूसरों को भी रोकें।
- वाहन चलाते समय सीट बेल्ट/हेलमेट अनिवार्य है।
- ओवरटेक से बचें, वाहन धीमी गति में चलाएं — सिर्फ 5 मिनट का फर्क होता है।
- नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानूनन अपराध है।
- वाहन बीमा कराना अनिवार्य है।
- ट्रिपलिंग (तीन सवारी) से बचें।
- किसी भी दुर्घटना की स्थिति में 112 या 108 पर तुरंत संपर्क करें।
🚫 नशे के दुष्परिणामों पर विशेष चेतावनी:
पुलिस द्वारा बच्चों को यह भी समझाया गया कि नशा केवल एक बुरी आदत नहीं बल्कि अपराध का मूल कारण बन सकता है।
नशे की लत से –
- सड़क दुर्घटनाएं,
- घरेलू हिंसा,
- बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराध होते हैं।
नशा करने से व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्थिति प्रभावित होती है, तथा आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
👮 पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) का संदेश:
“आज के बच्चे ही कल का जिला बनाएंगे। यदि एक बच्चा जागरूक होगा, तो वह अपने परिवार, पड़ोस और गांव को भी जागरूक करेगा। आज के समय में टेक्नोलॉजी की जानकारी बच्चों के पास अधिक है — ऐसे में यदि वे सतर्क रहेंगे, तो फ्रॉड को पहचानकर दूसरों को भी बचा सकेंगे।”
इस पूरे अभियान ने बच्चों में उत्साह, समझदारी और ज़िम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। नगरदा पुलिस की इस अनूठी पहल की हर तरफ सराहना हो रही है।



