
सक्ती। देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, ईंधन संकट और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के जिला सचिव कामरेड अनिल शर्मा ने जारी बयान में कहा कि देश गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दल जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि रुपए का लगातार अवमूल्यन, आसमान छूती महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन संकट में डाल दिया है। युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है, जबकि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वहीं ईंधन संकट और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है।
कामरेड शर्मा ने आरोप लगाया कि देश के खनिज संसाधनों की लूट और तस्करी से स्थानीय लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है। इसके साथ ही समाज में बढ़ते धार्मिक और सामाजिक तनाव ने भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
“जनहित छोड़ आरोप-प्रत्यारोप में उलझे दल”
भाकपा नेता ने कहा कि ऐसे गंभीर समय में भाजपा और कांग्रेस जैसे बड़े दल जनता की समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय केवल आरोप-प्रत्यारोप और “पुतला-पुतला” की राजनीति कर रहे हैं। यह लोकतंत्र और जनता दोनों के प्रति असंवेदनशीलता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि जनता रोजगार, महंगाई, शिक्षा और संसाधनों के न्यायपूर्ण उपयोग जैसे मुद्दों पर समाधान चाहती है, लेकिन राजनीतिक दल इन सवालों से बच रहे हैं।
भाकपा ने रखीं ये बड़ी मांगें
भाकपा ने केंद्र और राज्य सरकारों से तत्काल प्रभाव से—
- महंगाई और ईंधन संकट पर राहत पैकेज लागू करने,
- आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण,
- पीडीएस और सब्सिडी व्यवस्था मजबूत करने,
- युवाओं के लिए रोजगार उन्मुख योजनाएं शुरू करने,
- पेपर लीक मामलों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने,
- खनिज संसाधनों पर पारदर्शी नीति लागू करने,
- आदिवासी और स्थानीय समुदायों के अधिकार सुरक्षित करने,
- तथा सामाजिक और धार्मिक तनाव फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
“जनता सवाल पूछे, लोकतांत्रिक आंदोलन तेज करे”
कामरेड शर्मा ने जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग अपने जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगें, स्थानीय स्तर पर संगठित हों और लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण आंदोलनों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करें।
उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और जनता के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी तथा सभी प्रगतिशील संगठनों और मेहनतकश जनता से एकजुट होने का आह्वान करती है।



