
📍 थाना बाराद्वार, जिला सक्ती (छत्तीसगढ़)
📆 दिनांक: 25 जून 2025
बाराद्वार थाना क्षेत्र अंतर्गत अकलसरा गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त के पैसों के बंटवारे को लेकर बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या की वजह: ₹40,000 की राशि का बंटवारा
आरोपी धनीराम शिकारी (उम्र 45 वर्ष) निवासी अकलसरा ने अपने छोटे भाई मनीराम शिकारी (उम्र लगभग 40 वर्ष) की सिर पर टांगी से वार कर हत्या कर दी। दोनों भाइयों के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त में आए ₹40,000 को लेकर विवाद हो रहा था। मनीराम इस राशि का आधा हिस्सा मांग रहा था, लेकिन आरोपी ने देने से मना कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने ईमली के पेड़ के नीचे खड़े अपने भाई पर टांगी से तीन-चार बार वार कर उसकी जान ले ली।
12 वर्षीय पुत्र ने खोला राज
घटना की जानकारी सबसे पहले मृतक के बेटे, 12 वर्षीय राजू शिकारी ने दी। उसने बताया कि 24 जून की रात उसके पिता और चाचा के बीच पैसों को लेकर बहस हो रही थी। इसी दौरान उसके चाचा ने टांगी से वार कर मनीराम की हत्या कर दी।
हत्या के बाद फरार होने की फिराक में था आरोपी
घटना के बाद आरोपी धनीराम गांव से फरार होने की कोशिश में था। लेकिन थाना प्रभारी निरीक्षक लखन लाल पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ग्राम ठठारी अकलसरा मोड़ के पास से आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल किया और हत्या में प्रयुक्त टांगी को घर से बरामद किया गया।
पुलिस ने जुटाए ठोस साक्ष्य
हत्या के लिए प्रयुक्त टांगी और अन्य साक्ष्य आरोपी के मेमोरण्डम के आधार पर बरामद किए गए हैं। आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से वह नाकाम रहा।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस गंभीर अपराध के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक लखन लाल पटेल, सहायक उपनिरीक्षक यशवंत राठौर, प्रधान आरक्षक विजय पटेल, आरक्षक देवनारायण चंद्रा, योगेश राठौर, अजय बंजारे, किशोर सिदार, दिलसाय सोनवानी, गौतम सिदार, तकेश्वर कटकवार एवं मआर लक्ष्मीन सिदार की विशेष भूमिका रही।
➡️ जिला पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश यादव एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री मनीष कुंवर के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।
🟥 निष्कर्ष:
यह घटना बताती है कि पारिवारिक विवाद किस हद तक खतरनाक हो सकते हैं। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता ने इस मामले को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई है। अब आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।



