
📍सक्ती | दिनांक: 09 जुलाई 2025 | विशेष रिपोर्ट
⚖️ “वर्दी के पीछे कोई भी हो, कानून के सामने सब बराबर हैं” — यह कहावत सच कर दिखाया है सक्ती की जुझारू SP अंकिता शर्मा ने।
🔍 क्या है पूरा मामला?
थाना बाराद्वार में पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष राजपूत पर गंभीर आरोप लगे हैं कि ग्राम हरदी में अवैध शराब कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग लड़के को छोड़ने के बदले में उसने पैसे की मांग की।
➡️ शिकायत मिलते ही मामला SP कार्यालय तक पहुँचा।
➡️ एसपी अंकिता शर्मा ने बिना देरी किए सख्त कदम उठाया और आरक्षक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
📝 SP का साफ संदेश – “अब कोई बख्शा नहीं जाएगा”
“कानून का उल्लंघन करने वालों को अब वर्दी भी नहीं बचा सकती। भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस होगा।”
– SP अंकिता शर्मा, सक्ती जिला

📌 जारी हुए ये आदेश:
- ✅ आरोपी आरक्षक तत्काल निलंबित
- ✅ विभागीय जांच के आदेश जारी
- ✅ केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा
- ✅ 5 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
🚨 पुलिस की छवि बचाने की दिशा में बड़ा कदम
इस तेज़ कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि सक्ती जिला पुलिस प्रशासन अब और समझौता नहीं करेगा।
SP अंकिता शर्मा की सख्ती ने एक बार फिर ये साबित कर दिया है कि –
🔥 “भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक जरूरी है – चाहे वो सिस्टम के अंदर ही क्यों न हो।”
✅ जनता की ज़ुबानी:
“SP मैडम की कार्यशैली से सक्ती को एक ईमानदार प्रशासन मिला है। जो गलत करेगा, वो अब बचेगा नहीं!”
— ग्रामवासी, हरदी
📣 इस खबर से संदेश साफ है:
“पुलिस की वर्दी इज्ज़त की पहचान है – अगर उसमें दाग लगेगा, तो उसे भी हटाया जाएगा!”



