
📍सक्ती/बाराद्वार, 09 जुलाई 2025 | विशेष रिपोर्ट
देशभर में केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और चार लेबर कोड के खिलाफ चल रहे देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में सक्ती जिले के खम्हरिया खदान के मजदूरों ने भी जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक) के नेतृत्व में मजदूर साथियों ने बाराद्वार नगर में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाए और अपनी माँगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

रैली का नेतृत्व कामरेड अनिल शर्मा, कामरेड बलराम बरेठ, कामरेड लकेश्वर चौहान, कामरेड रवि चौहान, कामरेड ताराचंद बरेठ और कामरेड शुकवारा बाई कर रहे थे। मजदूरों की यह रैली श्रमिक एकता और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बनी रही।
इस रैली में कुल 93 मजदूरों ने भाग लिया, जिसमें 26 महिलाएं और 67 पुरुष शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि—
“सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है और मजदूरों के अधिकारों को छीन रही है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।”
संघ के सचिव कामरेड अनिल शर्मा ने कहा कि यह संघर्ष सिर्फ खदान मजदूरों का नहीं, बल्कि देश के हर श्रमिक का है जिसे इन नए लेबर कोड से नुकसान हो रहा है।
📝 संपादकीय टिप्पणी:
यह प्रदर्शन न केवल खदान क्षेत्र में श्रमिक असंतोष की अभिव्यक्ति है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्र में भी अब मजदूर जागरूक हो रहे हैं और संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।



