अपराधछत्तीसगढ़ताजातरीनराज्य

रायपुर – पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूट, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उस समय सनसनी फैल गई, जब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक मोबाइल लूट की वारदात का शिकार हो गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह घटना ऐसे समय में हुई, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर पूरा रायपुर हाई अलर्ट पर था और शहर में जगह-जगह सुरक्षा बल तैनात थे।

🚶 मॉर्निंग वॉक के दौरान झपट्टा मारकर फरार हुए बदमाश

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह धरमलाल कौशिक सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत शंकर नगर स्थित भारत माता चौक के पास मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार दो नकाबपोश युवक तेजी से उनके पास पहुंचे और हाथ में रखा मोबाइल झपटकर फरार हो गए।

घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग और स्वयं कौशिक भी कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

🚔 पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

राजधानी के सबसे संवेदनशील और वीआईपी मूवमेंट वाले इलाके में हुई इस घटना ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई।

पुलिस की कार्रवाई:

  • आसपास के रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
  • संदिग्ध बाइक सवार युवकों की पहचान की कोशिश जारी
  • शहर के कई इलाकों में नाकेबंदी कर जांच तेज
  • साइबर टीम को भी मोबाइल ट्रैकिंग में लगाया गया

बताया जा रहा है कि गृह मंत्री के दौरे को लेकर पहले से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी, बावजूद इसके बदमाशों का इस तरह बेखौफ वारदात को अंजाम देना कई सवाल खड़े कर रहा है।

⚡ सियासत भी गरमाई

घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने लिखा कि:

“जब देश के गृह मंत्री छत्तीसगढ़ में मौजूद हैं और उसी दौरान राजधानी में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।”

भूपेश बघेल ने प्रदेश में बढ़ती चोरी, लूट और चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ट्वीट वाययल

🔥 जनता के बीच बड़ा सवाल

एक ओर सरकार प्रदेश में “सुशासन” और मजबूत कानून व्यवस्था का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी के पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता के साथ लूट की घटना ने आम लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि हाई अलर्ट और वीआईपी सुरक्षा के बीच भी अपराधी इतने बेखौफ हैं, तो आम नागरिक आखिर कितने सुरक्षित हैं?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button