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सक्ती- बाराद्वार शराब दुकान में ‘मिलावट सिंडिकेट’ का बड़ा खुलासा! ब्रांडेड बोतलों में लोकल शराब भरकर बेचने का आरोप, ग्राहकों में भारी आक्रोश

“नंबर वन” की टूटी सील ने खोली पोल… बोतल से आई दूसरी शराब की गंध, आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

बाराद्वार, सक्ती। सक्ती जिले के बाराद्वार-धनेली स्थित देशी-विदेशी शराब दुकान में कथित मिलावटखोरी और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि दुकान में ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की बोतलों में सस्ती लोकल शराब मिलाकर ग्राहकों को बेचा जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार एक ग्राहक जब दुकान से “नंबर वन” ब्रांड की शराब खरीदकर बाहर निकला, तो उसे बोतल की सील संदिग्ध लगी। ग्राहक का दावा है कि बोतल का ढक्कन पहले से ढीला था और खोलते ही उसमें किसी अन्य लोकल “गोवा” शराब जैसी तेज गंध आ रही थी। इससे ग्राहक को शराब में मिलावट की आशंका हुई।

ग्राहक ने तत्काल दुकान कर्मचारियों से शिकायत की, लेकिन आरोप है कि कर्मचारियों ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय मामले को टालने की कोशिश की। नाराज ग्राहक ने इसकी शिकायत आबकारी विभाग के टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराई है।

प्लास्टिक बोतलों की सील पर भी सवाल

मामले में एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। ग्राहकों का कहना है कि देशी प्लेन मदिरा की प्लास्टिक बोतलों के ढक्कन बिना सील टूटे ही आसानी से निकल जा रहे हैं। इससे शराब की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर संदेह और गहरा गया है। लोगों का आरोप है कि इस तरह की स्थिति मिलावटखोरी या बोतलों के साथ छेड़छाड़ की ओर इशारा करती है।

“ठंडी बियर” के नाम पर मनमानी का आरोप

ग्राहकों ने यह आरोप भी लगाया कि जब वे अपनी पसंद की ठंडी बियर मांगते हैं, तो दुकान कर्मचारियों द्वारा केवल एक ही ब्रांड जबरन दिया जाता है। कारण पूछने पर कहा जाता है कि “सिर्फ यही बियर ठंडी है।” इससे ग्राहकों में नाराजगी बढ़ रही है। साथ ही शराब दुकान के सुपरवाइजर और कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी लगे हैं।

मीडिया पहुंची तो केवल बिक्री काउंटर खुला मिला

मामले की जानकारी मिलते ही मीडिया टीम शराब दुकान पहुंची। वहां केवल बिक्री काउंटर खुला मिला, जबकि अंदरूनी स्टॉक और व्यवस्थाओं को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इससे पूरे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।

आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में जब जिला सहायक आबकारी अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। विभागीय अधिकारियों की चुप्पी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शराब दुकानों में इस तरह की कथित मिलावटखोरी और मनमानी हो रही है, तो यह केवल आर्थिक धोखाधड़ी नहीं बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बाराद्वार शराब दुकान में चल रहे इस कथित खेल पर आबकारी विभाग कब कार्रवाई करेगा?

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