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सक्ती- स्कूटी बनी “मोबाइल शराब दुकान” ? बाराद्वार के वार्डों में खुलेआम अवैध सप्लाई का आरोप

नगर पंचायत बाराद्वार के वार्ड क्रमांक 1, 2 और 3 में घर-घर पहुंच रही शराब, विभागीय कार्रवाई पर उठे सवाल

बाराद्वार (सक्ती)। नगर पंचायत बाराद्वार के वार्ड क्रमांक 1, 2 और 3 में अवैध शराब सप्लाई को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डूमरपारा स्थित देशी शराब दुकान से जुड़ा एक व्यक्ति स्कूटी के माध्यम से कथित रूप से थोक में शराब की सप्लाई कर रहा है। बताया जा रहा है कि शराब कोचियों और ग्राहकों तक शराब घर पहुंच सेवा की तरह उपलब्ध कराई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक संबंधित व्यक्ति प्रत्येक शराब बोतल पर लगभग 10 रुपये अतिरिक्त मुनाफा जोड़कर सप्लाई कर रहा है। इतना ही नहीं, मोबाइल फोन पर संपर्क करने पर खुलेआम किसी भी स्थान पर शराब पहुंचाने की बात भी सामने आई है। इस पूरे मामले ने आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

“मुझे किसी का डर नहीं” — कथित सप्लायर का दावा

जानकारी के अनुसार एक शराब खरीदार द्वारा जब स्कूटी से शराब सप्लाई करने वाले व्यक्ति से पूछा गया कि क्या उसे पुलिस या आबकारी विभाग का डर नहीं लगता, तो उसने कथित तौर पर जवाब दिया कि उसके थाना स्टाफ और आबकारी विभाग से अच्छे संबंध हैं, इसलिए उसे किसी कार्रवाई का भय नहीं है। हालांकि इस कथन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन क्षेत्र में इसकी चर्चा जोरों पर है।

नाबालिगों तक शराब पहुंचने का आरोप

सूत्रों का यह भी दावा है कि लाइसेंसी शराब दुकानों में जहां नियमों के तहत नाबालिगों को शराब नहीं दी जाती, वहीं मोबाइल के जरिए शराब उपलब्ध कराने वाले लोग कथित रूप से छोटे बच्चों और किशोरों तक भी शराब पहुंचा रहे हैं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सामाजिक और कानूनी दोनों दृष्टि से बेहद गंभीर मामला माना जाएगा।

बढ़ रही नशाखोरी और अपराध की आशंका

स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्डों में इस प्रकार खुलेआम शराब सप्लाई होने से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे भविष्य में अपराध और सामाजिक अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध शराब सप्लाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।

कार्रवाई का इंतजार

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित विभाग — थाना पुलिस और आबकारी विभाग — ऐसे कथित “मोबाइल शराब सप्लायरों” पर कब और कैसी कार्रवाई करता है। क्षेत्रवासियों की नजरें अब प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई हैं।

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