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सक्ती- उपजेल का बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने किया निरीक्षण, बंदियों को मिल रही सुविधाओं और विधिक सहायता व्यवस्थाओं का लिया जायजा

सक्ती, 31 मई 2026। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स (Board of Visitors) द्वारा रविवार को उपजेल सक्ती का व्यापक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, विधिक सहायता व्यवस्थाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता तथा जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली का बारीकी से परीक्षण किया गया।

यह निरीक्षण सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य जेलों में बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है।

निरीक्षण दल में जयदीप गर्ग (प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा), अमृत विकास तोपनो (कलेक्टर सक्ती), प्रफुल्ल सिंह ठाकुर (पुलिस अधीक्षक सक्ती), प्रशांत कुमार शिवहरे (प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश सक्ती), शुभदा गोयल (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट), मनोज कुमार कुशवाहा (सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण), डॉ. पूजा अग्रवाल (मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी), श्रीमती कुमुदिनी द्विवेदी (जिला शिक्षा अधिकारी) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

विधिक सहायता और बंदियों के अधिकारों पर विशेष फोकस

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर में संचालित जिला जेल लीगल एड क्लिनिक की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी ली। साथ ही बंदियों के परिजनों की सुविधा के लिए स्थापित मुलाकाती हेल्प डेस्क एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) कक्ष की व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया।

दल ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित जानकारी समय पर मिले तथा उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता बिना किसी बाधा के उपलब्ध हो सके।

बैरक, भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता की जांच

निरीक्षण के दौरान जेल भवन की स्थिति, बैरकों की व्यवस्था, मुलाकात कक्ष, शौचालयों की साफ-सफाई, पेयजल की उपलब्धता, बंदियों को दिए जाने वाले वस्त्रों की गुणवत्ता तथा भोजन की व्यवस्था का विस्तार से जायजा लिया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर्गत प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं और चिकित्सा परीक्षण की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

शिकायत निवारण और सामाजिक समानता पर भी नजर

बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जेल परिसर में स्थापित शिकायत पेटी की व्यवस्था की समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि बंदियों की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण हो। इसके अलावा जेल के विभिन्न अभिलेखों, रजिस्टरों तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर जाति आधारित भेदभाव या किसी प्रकार की असमानता से संबंधित पहलुओं की भी जानकारी ली गई।

पारदर्शी और मानवीय जेल व्यवस्था की दिशा में पहल

निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने कहा कि जेलों में बंदियों के संवैधानिक और मानवीय अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमित निरीक्षण से जेल प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ती है तथा बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।

उपजेल सक्ती में हुए इस निरीक्षण को न्यायिक, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के संयुक्त प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य जेल व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और मानवाधिकारों के अनुरूप बनाना है।

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