
रायपुर। 12वीं बोर्ड के हिंदी विषय के कथित पेपर लीक मामले ने छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक में बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक के दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन को एनएसयूआई का भी समर्थन मिला। संगठन के कार्यकर्ता छात्रों के साथ धरने में शामिल हुए और कहा कि बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाएं लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य के साथ अन्याय हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का मनोबल ऐसे मामलों से टूटता है। उन्होंने मांग की कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाए तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त और प्रभावी कानून लागू करे।
इस दौरान छात्रों ने हरिका राव के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि परीक्षा से जुड़े विवादों के कारण प्रभावित परिवारों के प्रति सरकार को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल अंबेडकर चौक पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, सख्त कानून लागू करना और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार छात्रों की मांगों पर कोई ठोस फैसला लेगी या यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेगा।



