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सक्ती – गाली-गलौज की रंजिश बनी खूनी वारदात, 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, एक विधि से संघर्षरत बालक भी पुलिस की गिरफ्त में

सक्ती | 04 फरवरी 2026
जिला सक्ती के थाना सक्ती क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मसनियाकला में हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को सक्ती पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। गाली-गलौज की पुरानी रंजिश में धारदार हथियार से किए गए प्राणघातक हमले में सम्मे लाल श्रीवास की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहनीश कुमार कर्मवीर (37 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं एक विधि से संघर्षरत बालक को भी कानून के दायरे में लाया गया है।

घर में घुसकर किया गया था जानलेवा हमला

घटना 03 फरवरी 2026 की है, जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सक्ती से पुलिस को सूचना मिली कि मसनियाकला निवासी सम्मे लाल श्रीवास को धारदार हथियार से गंभीर चोटें आई हैं। हालत नाजुक होने पर उन्हें जांजगीर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलते ही थाना सक्ती पुलिस हरकत में आई और घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रार्थी टीकाराम श्रीवास का कथन दर्ज किया गया।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि अज्ञात आरोपियों ने रात के अंधेरे में घर में घुसकर सिर, गला, माथा सहित शरीर के कई हिस्सों पर बेरहमी से वार किए थे।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तेज कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल एवं एसडीओपी सक्ती डॉ. भुनेश्वरी पैकरा के निर्देशन में अपराध क्रमांक 57/2026 धारा 103(1), 332(बी) BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई।

थाना प्रभारी निरीक्षक लखन लाल पटेल के नेतृत्व में साइबर यूनिट, डॉग स्क्वॉड एवं एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। आसपास के मार्गों, संदिग्ध गतिविधियों और मुखबिर तंत्र के माध्यम से लगातार पतासाजी की गई।

पहाड़ी इलाके से दबोचे गए आरोपी

जांच के दौरान पता चला कि घटना की रात दो युवक मृतक के घर के आसपास रेकी करते देखे गए थे, जो वारदात के बाद गांव से फरार हो गए। लगातार प्रयासों के बाद सूचना मिली कि दोनों मसनियाकला के पहाड़ी क्षेत्र में छिपे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि 02 फरवरी को मृतक द्वारा आरोपी मोहनीश कुमार और उसके परिवार को गालियां दी गई थीं। इसी रंजिश में उसने एक नाबालिग के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और रात में टांगी से 6–7 बार वार कर वारदात को अंजाम दिया।

हत्या में प्रयुक्त हथियार सहित अहम सबूत जब्त

आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की टांगी, खून से सना काला लोवर और विधि से संघर्षरत बालक द्वारा इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन विधिवत जप्त किया गया। मुख्य आरोपी को 04 फरवरी को गिरफ्तार कर परिजनों को सूचना दी गई, जबकि नाबालिग को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक लखन लाल पटेल, साइबर प्रभारी अमित सिंग, सउनि राजेश यादव, उपेन्द्र यादव, चित्रागंद चन्द्रा, प्रधान आरक्षक शब्बीर मेमन, प्रेम सिदार, प्रेम राठौर, विनोद कंवर, डॉग एस्कॉर्ट सुनील गुप्ता (कोरबा), आरक्षक प्रमोद खाखा, योगेश राठौर, ब्रजसेन लहरे, महासिंह सिदार सहित थाना सक्ती के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सक्ती पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ एक गंभीर हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर आमजन में विश्वास भी मजबूत हुआ है।

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