
सक्ती-//जैजैपुर। सक्ती जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटेतरा में विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि विद्युत विभाग के ठेकेदारों की लापरवाही और मनमाने रवैये के कारण गांव में लगाए गए नए ट्रांसफार्मर का कार्य पिछले तीन महीनों से अधूरा पड़ा हुआ है। इससे ग्रामीणों को भीषण गर्मी के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में नया पोल और ट्रांसफार्मर तो स्थापित कर दिया गया है, लेकिन जिस मोहल्ले में सप्लाई लाइन जोड़नी है वहां दो पोलों में अब तक केबल नहीं लगाया गया है। इसी कारण ट्रांसफार्मर चालू नहीं हो पा रहा है और आधे मोहल्ले के लोग लो-वोल्टेज, बिजली बाधित होने और उपकरण बंद पड़ने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कम वोल्टेज के चलते घरों के कूलर, पंखे और बोर मशीनें तक सही तरीके से नहीं चल पा रही हैं। उमस भरी गर्मी और मच्छरों के बीच ग्रामीणों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा गांव में पोल और तार लगाने का कार्य भी मानकों के अनुरूप नहीं किया गया तथा अधूरा काम छोड़ दिया गया।
📞 फोन बंद रखते हैं ठेकेदार, शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार से संपर्क करने की कोशिश की जाती है तो उनका मोबाइल अक्सर बंद रहता है। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें केबल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जिसके कारण काम अधूरा है।
ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि ट्रांसफार्मर के समीप लगाए गए एमसीबी बॉक्स घटिया गुणवत्ता के हैं, जो सप्लाई शुरू होते ही गिर सकते हैं। इससे भविष्य में बड़ी तकनीकी समस्या या हादसे की आशंका बनी हुई है।
🏘️ सरपंच ने अधिकारियों से लगाई गुहार, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्राम पंचायत कोटेतरा की सरपंच श्रीमती सुनीता रमेश साहू ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत प्रोजेक्ट मैनेजर सक्ती श्री राठौर से की थी। अधिकारियों द्वारा जल्द केबल लगाने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
लगातार अनदेखी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और अब आंदोलन की चेतावनी दे दी गई है।
🗣️ सरपंच का बयान
“मेरे द्वारा लगातार विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी और ठेकेदार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। आज तक दो पोलों में केबल नहीं लगाया गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। यदि एक सप्ताह के भीतर केबल लगाकर ट्रांसफार्मर चालू नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
— श्रीमती सुनीता रमेश साहू, सरपंच, ग्राम पंचायत कोटेतरा
⚠️ ग्रामीणों का सवाल — आखिर कब मिलेगी राहत?
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार गांवों में बेहतर बिजली व्यवस्था के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों की लापरवाही और अधिकारियों की अनदेखी के कारण आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्या का समाधान समय रहते करता है या फिर कोटेतरा में आंदोलन की चिंगारी बड़ा रूप लेती है।



