
सक्ती | जैजैपुर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। दो युवकों ने मदद के नाम पर एक महिला को अपने जाल में फंसाया और उसे घर छोड़ने का झांसा देकर सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती की कोशिश की।
हालांकि, पीड़िता के साहस, उसके पति की समय पर मौजूदगी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस गंभीर वारदात को होने से रोक दिया। जैजैपुर पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
🔎 भरोसे का जाल: ऐसे फंसाई गई महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भोथीडीह निवासी
👉 नागेश्वर चंद्रा (30 वर्ष)
👉 अमोल सिंह कंवर उर्फ बड़े गुड्डू (40 वर्ष)
ने महिला को उसके घर तक छोड़ने का भरोसा दिलाया। महिला ने इसे सामान्य मदद समझते हुए उनकी मोटरसाइकिल पर बैठना स्वीकार कर लिया।
लेकिन कुछ ही दूरी पर आरोपियों ने अपना असली चेहरा दिखाते हुए रास्ता बदल दिया और महिला को गांव के एक सुनसान इलाके “भांठा बाड़ी” में ले गए, जहां आसपास कोई मौजूद नहीं था।
⚠️ सुनसान में शुरू हुई हैवानियत
जगह पर पहुंचते ही दोनों आरोपियों ने महिला के साथ जबरदस्ती शुरू कर दी।
- एक आरोपी ने महिला के हाथ कसकर पकड़ लिए
- दूसरे ने उसके पैर जकड़कर छेड़छाड़ की
- जब महिला ने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई
- और उसकी आवाज दबाने के लिए मुँह भी दबा दिया गया
महिला लगातार विरोध करती रही और खुद को बचाने की कोशिश करती रही। स्थिति बेहद भयावह हो चुकी थी और वारदात किसी भी समय बड़ा रूप ले सकती थी।
💥 नाटकीय मोड़: पति की समय पर एंट्री
इसी दौरान, पीड़िता का पति अपने एक दोस्त के साथ उस इलाके में पहुंच गया।
अचानक उन्हें सामने देखकर दोनों आरोपी घबरा गए और बिना कुछ सोचे-समझे मौके से फरार हो गए।
👉 यही वह निर्णायक पल था जिसने एक बड़ी और गंभीर घटना को होने से रोक दिया।
👮 पुलिस का त्वरित एक्शन: घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया।
सक्ती के पुलिस अधीक्षक
👉 प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (IPS)
के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई।
👉 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल
👉 एसडीओपी डॉ. भुनेश्वरी पैंकरा
के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और अंततः दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
⚖️ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज, कोर्ट से सीधे जेल
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है—
- धारा 140(3), 115(2), 74, 3(5) BNS
- धारा 3(1)(ब)(i)(ii) अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम
📅 5 मई 2026: आरोपियों को हिरासत में लिया गया
📅 6 मई 2026: न्यायालय में पेश किया गया
👉 कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को जेल दाखिल कर दिया गया
👥 पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना जैजैपुर की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- थाना प्रभारी उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह चंद्रा
- सउनि उपेंद्र यादव
- प्रधान आरक्षक परमानंद घृतलहरे
- आरक्षक अरुण कुमार चंद्रा, विजय कुर्रे
- महिला आरक्षक सीमा सिदार
इन सभी की सक्रियता और समन्वय से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी संभव हो सकी।
🛑 पुलिस का कड़ा संदेश
सक्ती पुलिस ने स्पष्ट किया है कि—
👉 महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा
👉 ऐसे मामलों में तत्काल और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
✍️ निष्कर्ष: जागरूकता और सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजी
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि
👉 हर मदद का हाथ भरोसेमंद नहीं होता
👉 अनजान लोगों पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहना जरूरी है
लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट होता है कि
अगर पीड़ित पक्ष साहस दिखाए और पुलिस समय पर कार्रवाई करे, तो अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है।



