
सक्ती। बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को आखिरकार सक्ती पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी ने SECL गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी लगाने का झांसा देकर कई लोगों से करीब 12 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इस बड़ी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देशन में अंजाम दिया गया। पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के चलते आखिरकार आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ गया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सकर्रा निवासी डालेश्वर प्रसाद चंद्रा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों द्वारा नौकरी लगाने के नाम पर बड़ी रकम ली गई है। जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी सुरेश कुमार दुबे (57 वर्ष) निवासी ग्राम नुनेरा (भेलवाभांटा), थाना पाली, जिला कोरबा ने वर्ष 2011 में SECL गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा देकर प्रार्थी समेत अन्य पीड़ितों से करीब 12 लाख रुपये की ठगी की थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने ठगी की रकम से लगभग 5 लाख 75 हजार रुपये की बोलेरो वाहन खरीदी थी। मामले में अपराध क्रमांक 245/2022 धारा 420 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी, लेकिन मामला दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा के मार्गदर्शन में साइबर टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव नुनेरा पहुंचा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे 16 मई 2026 को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
👮♂️ इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण राजपूत के नेतृत्व में उप निरीक्षक सी.पी. कंवर, प्रधान आरक्षक दामोदर जायसवाल, आरक्षक सेतराम पटेल, गोपाल साहू, शत्रुघ्न जांगड़े एवं महिला आरक्षक लक्ष्मीन सिदार की टीम ने इस कार्रवाई में सराहनीय योगदान दिया।



