
सक्ती– बाराद्वार का एक होनहार बेटा आज पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है। वार्ड क्रमांक 03/04 निवासी विनय कुमार यादव ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर खगोल विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एक साधारण मजदूर पिता कमलेश यादव के बेटे विनय ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसले मजबूत हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
विनय वर्तमान में बेंगलुरु स्थित भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान में रिसर्च टीम के साथ कार्य कर रहे हैं, जहां वे हिमालयन चंद्र दूरबीन से जुड़े प्रेक्षण कार्यों का अनुभव ले रहे हैं। इस दौरान वे अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से अंतरिक्ष से जुड़े महत्वपूर्ण डाटा का अध्ययन और विश्लेषण कर रहे हैं। विशेष रूप से वे 40 मीटर रेडियो दूरबीन के डाटा का विश्लेषण कर रहे हैं, जो खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक उन्नत और महत्वपूर्ण शोध कार्य माना जाता है।
विनय की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उनका चयन थाईलैंड के राष्ट्रीय खगोलीय अनुसंधान संस्थान में भारतीय अतिथि छात्र के रूप में हुआ है। वे 1 मई से 31 जुलाई तक “तारकीय विकास: जन्म से मृत्यु तक” विषय पर शोध कार्य करेंगे। इस दौरान उनके पूरे खर्च का वहन अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र द्वारा किया जाएगा।
यह उपलब्धि न केवल विनय के लिए, बल्कि पूरे सक्ती जिले और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व की बात है। सीमित संसाधनों के बावजूद विनय ने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और लगातार आगे बढ़ते रहे। उनकी इस सफलता के पीछे उनके परिवार का संघर्ष, शिक्षकों का मार्गदर्शन और उनकी अथक मेहनत शामिल है।
स्थानीय लोगों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने विनय की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। विनय ने यह सिद्ध कर दिया है कि एक मजदूर का बेटा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।
आज पूरा बाराद्वार अपने इस होनहार बेटे पर गर्व कर रहा है और सभी को उम्मीद है कि विनय आगे भी इसी तरह नई ऊंचाइयों को छूते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।



