
जनसंपर्क, अपराध नियंत्रण और तकनीकी उन्नयन पर दिया विशेष बल
बाराद्वार, सक्ती | 22 मई 2025
सक्ती ज़िले की पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) ने आज थाना बाराद्वार का आकस्मिक निरीक्षण कर पुलिसिंग की समग्र समीक्षा की। यह निरीक्षण न केवल एक औपचारिक प्रक्रिया रहा, बल्कि पुलिस प्रशासन के जनोन्मुखी, संवेदनशील और तकनीक-समर्थ प्रयासों का सशक्त उदाहरण भी बना।
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु:
1. लंबित अपराधों की समीक्षा
गंभीर अपराध, मर्ग और चालानों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। अधीक्षक महोदय ने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने और निर्धारित समय सीमा में चालान प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
2. बीट सिस्टम की मजबूती
बीट पुलिस की उपस्थिति, निगरानी, और आमजन से संवाद की प्रभावशीलता पर चर्चा हुई। प्रत्येक बीट के लिए सक्रिय व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए गए, जिससे सूचना तंत्र को और मज़बूती मिले।
3. कम्युनिटी पुलिसिंग पर ज़ोर
जनता और पुलिस के बीच विश्वास की खाई को पाटने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग की रणनीतियों पर जोर दिया गया। स्थानीय प्रतिनिधियों और नागरिकों से संवाद को नियमित और सक्रिय बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए।
4. थाने की आंतरिक व्यवस्था का मूल्यांकन
CCTNS सहित अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर सुधारात्मक सुझाव दिए गए, जिससे थाने की कार्यक्षमता और पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
5. उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान
कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को प्रशंसा पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे बल में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ।
6. नवीन कानूनों की जानकारी
बैठक में हाल ही में अधिसूचित नए कानूनों और प्रावधानों की जानकारी साझा की गई, जिससे अधिकारी अद्यतन जानकारी के साथ कार्य कर सकें।
7. तकनीकी उन्नयन और ऐप्स का प्रशिक्षण
पुलिसिंग में उपयोगी एप्लिकेशनों जैसे e-Sakshya, e-Summons, NATGRID आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और उनके प्रशिक्षण की योजना प्रस्तुत की गई।
उपस्थित अधिकारीगण:
इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सक्ती श्री मनीष कुंवर, थाना प्रभारी लखन पटेल, थाना बाराद्वार के समस्त स्टाफ, तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्रधान आरक्षक शरद जगत, कांस्टेबल अश्विनी राठौर, किशन बरेठ और साइबर प्रकोष्ठ से प्रधान आरक्षक प्रेम राठौर उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक का संदेश:
“कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनता के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार और अपराधों का समयबद्ध निराकरण पुलिस की पहचान होनी चाहिए।”
— सुश्री अंकिता शर्मा, पुलिस अधीक्षक, सक्ती
यह निरीक्षण न केवल कार्यप्रणाली की समीक्षा था, बल्कि जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक जनोन्मुखी, पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम भी था।



