छत्तीसगढ़ताजातरीनराज्य

सक्ती- कछुए की चाल से बन रही बाराद्वार–जैजैपुर सड़क, धनेली नहर पुल बना हादसों का इंतजार!

पुल की रेलिंग के बराबर बना दी सड़क, न चेतावनी बोर्ड… न सुरक्षा इंतजाम

डूमरपारा शराब दुकान और भारी भीड़भाड़ के बीच हर दिन मंडरा रहा बड़ा खतरा

सक्ती-//बाराद्वार/जैजैपुर। बाराद्वार से जैजैपुर पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य इन दिनों गंभीर लापरवाही और सुस्त कार्यशैली को लेकर सवालों के घेरे में है। सड़क निर्माण की रफ्तार जहां कछुए की चाल जैसी बनी हुई है, वहीं धनेली स्थित माइनर नहर पुल पर किए गए निर्माण ने राहगीरों और वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार पुल के ऊपर सड़क का स्तर इतना ऊपर उठा दिया गया है कि वह पुल की पुरानी रेलिंग के लगभग बराबर पहुंच गया है। ऐसे में पुल की सुरक्षा रेलिंग अब नाम मात्र की रह गई है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थिति इतनी गंभीर बताई जा रही है कि दिन के समय भी दूर से आने वाले वाहन चालकों को नहर पुल स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जबकि रात के अंधेरे में पुल और सड़क का अंतर समझ पाना लगभग असंभव हो जाता है।

बिना चेतावनी के दौड़ रही छोटी-बड़ी गाड़ियां

सबसे चिंताजनक बात यह है कि निर्माणाधीन और जोखिम भरे इस हिस्से में भारी वाहनों सहित छोटी-बड़ी गाड़ियों का आवागमन धड़ल्ले से जारी है। बावजूद इसके मौके पर न तो किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर की व्यवस्था की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले अथवा बाद में पुल की रेलिंग को ऊंचा करने या नई सुरक्षा दीवार बनाने की जरूरत थी, लेकिन जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार ने इस ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर अधिकारी और इंजीनियर ठेकेदार पर इतने मेहरबान क्यों हैं?

शराब दुकान और भीड़भाड़ ने बढ़ाई चिंता

धनेली नहर पुल के बिल्कुल समीप डूमरपारा बाराद्वार स्थित शराब दुकान होने के कारण क्षेत्र में दिनभर भीड़भाड़ बनी रहती है। वहीं जैजैपुर चौक से बस्ती बाराद्वार तक का इलाका पहले से ही अत्यधिक व्यस्त और दुर्घटना संभावित माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जा रही है।

“बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा प्रशासन?”

ग्रामीणों और राहगीरों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि स्पष्ट खतरे के बावजूद संबंधित विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। लोगों ने मांग की है कि तत्काल पुल पर नई सुरक्षा रेलिंग बनाई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, रात्रि में रिफ्लेक्टर और लाइटिंग की व्यवस्था की जाए तथा निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा कराया जाए।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और निर्माण एजेंसी की होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button