
जैजैपुर/सक्ती। जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटेतरा में ₹26 लाख 80 हजार 500 रुपये के कथित नियम विरुद्ध भुगतान को लेकर शिकायत सामने आई है। ग्राम कोटेतरा निवासी रमेश कुमार साहू ने जिला पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, राशि की रिकवरी और FIR दर्ज कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत कोटेतरा के वर्ष 2020 से 2025 तक के कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए तत्कालीन पदाधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शिकायत में पूर्व उपसरपंच देवानंद यादव, पूर्व सरपंच श्रीमती भगवती गौड़ और तत्कालीन सचिव रविन्द्र किशोर चंद्रा पर आपसी साठगांठ से नियमों को दरकिनार कर भुगतान कराए जाने का आरोप लगाया गया है।
चेक और बिल वाउचर से भुगतान का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, कथित अनियमित भुगतान अलग-अलग चेक और बिल वाउचर के माध्यम से किए गए। शिकायत में निम्न राशि का उल्लेख किया गया है—

चेक क्रमांक 947710 — ₹16,00,000
चेक क्रमांक 947711 — ₹10,30,500
चेक क्रमांक 947734 — ₹4,50,000
चेक क्रमांक 947742 — ₹5,70,000
15वें वित्त आयोग योजना के तहत लगभग ₹4,70,000 के बिल वाउचर
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इन भुगतानों से संबंधित बैंक स्टेटमेंट और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से प्राप्त दस्तावेज शिकायत के साथ संलग्न किए गए हैं।
अपने ही नाम पर भुगतान का लगाया गया आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन उपसरपंच के नाम पर ऐसे भुगतान किए गए, जिनके संबंध में शिकायतकर्ता ने वास्तविक निर्माण कार्य अथवा सामग्री आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता ने पंचायती राज नियमों का हवाला देते हुए ऐसे भुगतानों की वैधानिकता की जांच कराने की मांग की है।
जांच समिति और रिकवरी की मांग
शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र जांच दल अथवा जांच समिति गठित करने की मांग की है। साथ ही छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 92 एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत नियम विरुद्ध पाए जाने वाली राशि की वसूली किए जाने की मांग रखी गई है।
इसके अलावा शिकायत में संबंधित लोगों के विरुद्ध शासकीय राशि के दुरुपयोग, जालसाजी और आपराधिक षडयंत्र जैसे आरोपों की जांच कर आवश्यक होने पर FIR दर्ज कराने की मांग भी की गई है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
मामला फिलहाल शिकायत और लगाए गए आरोपों के स्तर पर है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, यह संबंधित दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, ई-ग्राम स्वराज के अभिलेखों और पंचायत के भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अब निगाहें जिला पंचायत सक्ती की संभावित जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और राशि की रिकवरी का रास्ता साफ हो सकता है।
🟡 विशेष स्पष्टीकरण: यह खबर जिला पंचायत सक्ती को सौंपे गए शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों एवं शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का जवाब अथवा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



