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सक्ती – सलनी पंचायत में 16.76 लाख के विकास कार्यों पर बड़ा सवाल!

कागजों में पूरे हुए काम, मौके पर नदारद; पुराने बोर को नया दिखाकर भुगतान का आरोप, जिला जांच में गड़बड़ी उजागर

जैजैपुर/सक्ती। जैजैपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सलनी में करीब 17 लाख रुपये के विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक हड़कंप मचा हुआ है। जिला पंचायत सक्ती की जांच में ₹16 लाख 76 हजार 389 रुपये की राशि से कराए गए विभिन्न कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है।
जांच में आरोप है कि कई कार्यों को दस्तावेजों में पूर्ण दर्शाकर भुगतान कर दिया गया, जबकि मौके पर उनका अस्तित्व नहीं मिला। इतना ही नहीं, पहले से मौजूद बोर को नया बोर बताकर भुगतान किए जाने का मामला भी जांच में सामने आया है।
💰 16.76 लाख की राशि, लेकिन विकास कार्यों का हिसाब सवालों में
जांच के दायरे में बोर खनन, पंप, शौचालय, नाली और चबूतरा मरम्मत जैसे कार्य शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि इन कार्यों के नाम पर पंचायत से बड़ी राशि आहरित की गई, लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान कई कार्य मौके पर नहीं मिले।

शिकायत पत्र

🔴 पुराने बोर को नया बताकर लाखों का भुगतान?
मामले में सबसे गंभीर आरोप बोर खनन से जुड़े भुगतान को लेकर है। शिकायत के अनुसार पहले से मौजूद बोर को नया बोर खनन दर्शाते हुए ₹2-2 लाख के चार बिल पास किए गए। यदि जांच में यह तथ्य पूरी तरह प्रमाणित होता है तो यह सरकारी राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जा सकता है।
📋 कागजों में नाली, चबूतरा और शौचालय… जमीन पर क्या?
जांच में कुछ ऐसे कार्यों का भी उल्लेख है जिन्हें रिकॉर्ड और माप पुस्तिका में पूर्ण दर्शाया गया, लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान मौके पर कार्य नहीं पाए गए।
ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं—
जब काम हुआ ही नहीं तो माप कैसे हुई?
माप पुस्तिका में एंट्री किस आधार पर की गई?
कार्य पूर्ण होने का सत्यापन किस अधिकारी ने किया?
और सरकारी राशि का भुगतान किस आधार पर हुआ?
⚠️ जनपद स्तर की जांच के बाद जिला स्तर पर मामला गरमाया
बताया गया है कि सलनी के उपसरपंच एवं पूर्व जनपद सदस्य जय चन्द्रा ने पहले ई-पंचायत पोर्टल और जैजैपुर जनपद पंचायत में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जनपद स्तर पर जांच के बावजूद उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली।
इसके बाद उन्होंने मामले को जिला पंचायत सक्ती के CEO IAS वासु जैन के समक्ष रखा। जिला स्तर पर हुई जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी है।
📌 इन पर हुई कार्रवाई की शुरुआत
जिला जांच के बाद जिन लोगों को नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है, उनमें—
वेद प्रकाश डनसेना — उप अभियंता
SDO R.E.S. — तकनीकी सत्यापन
टंकेश्वर चन्द्रा — पूर्व सरपंच
लक्ष्मण बंजारे — पूर्व सचिव
संतरा सिदार — वर्तमान सचिव
शामिल हैं।
🗣️ शिकायतकर्ता ने कहा—अब न्याय की उम्मीद
शिकायतकर्ता जय चन्द्रा का कहना है कि उन्होंने पहले भी मामले की शिकायत की थी, लेकिन जनपद स्तर की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं थे। जिला स्तर पर जांच के बाद अनियमितताएं सामने आने से अब उन्हें उचित कार्रवाई और न्याय की उम्मीद है।
🏛️ जिला पंचायत CEO ने क्या कहा?
जिला पंचायत सक्ती के CEO IAS वासु जैन के अनुसार मामले में जिला स्तरीय जांच के बाद संबंधित सरपंच, सचिव और उप अभियंता को नोटिस जारी किया गया है। आगे जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
❓ अब सबसे बड़ा सवाल—16.76 लाख रुपये का हिसाब कौन देगा?
सलनी पंचायत का यह मामला सिर्फ एक पंचायत के विकास कार्यों तक सीमित नहीं है। यदि जांच में बिना कार्य भुगतान, गलत माप या पुराने निर्माण को नया दर्शाकर भुगतान किए जाने की पुष्टि होती है, तो सरकारी राशि की रिकवरी, जिम्मेदारी तय करने और नियमानुसार आपराधिक कार्रवाई तक का सवाल खड़ा हो सकता है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन की आगे की कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित रहती है या जिम्मेदारी तय कर सरकारी राशि की वसूली और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई भी होती है।
नोट: इस खबर में भ्रष्टाचार/गबन से जुड़े आरोपों को जांच और शिकायत के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। अंतिम दोष सिद्धि सक्षम जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।

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